| Article Title |
आधुनिकीकरण की छाया में हो जनजाति : पश्चिमी सिंहभूम जिला में सामाजिक-आर्थिक बदलाव |
| Author(s) | Rajendra Thakur, Dr. Gyanendra Kumar Singh. |
| Country | India |
| Abstract | सारांश यह शोध पत्र झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले की जनजातियों पर आधुनिकीकरण के प्रभावों का विश्लेषण करता है, विशेष रूप से उनके पारंपरिक सामाजिक और आर्थिक ढांचे में आए परिवर्तनों पर ध्यान केंद्रित करता है। झारखंड के इस हिस्से में, औद्योगीकरण, शहरीकरण, और सरकारी नीतियों ने जनजातीय समुदायों के जीवन में बड़े बदलाव लाए हैं। इस शोध का उद्देश्य इन बदलावों के सकारात्मक और नकारात्मक दोनों पहलुओं को समझना है। प्रमुख रूप से, यह शोध दो मुख्य बिंदुओं पर प्रकाश डालता है। पारंपरिक व्यवस्था का विघटन: आधुनिक शिक्षा, रोजगार के नए अवसर, और बाजारीकरण के कारण पारंपरिक सामुदायिक भूमि स्वामित्व, जैव-विविधता आधारित जीविका और पारंपरिक ज्ञान प्रणाली पर दबाव बढ़ा है। इससे जनजातियों की आत्मनिर्भरता कम हुई है, और वे नई आर्थिक व्यवस्था पर अधिक निर्भर हो गए हैं। आर्थिक और सामाजिक असमानता: आधुनिकीकरण ने कुछ समुदायों को आर्थिक रूप से लाभ पहुँचाया है, जबकि अन्य पिछड़ गए हैं। इससे जनजातीय समाज के भीतर ही वर्ग-भेद और असमानता बढ़ी है। पलायन, भूमि अधिग्रहण, और सांस्कृतिक विस्थापन जैसी समस्याएं भी प्रमुखता से उभरी हैं। यह शोध गुणात्मक (Qualitative) और मात्रात्मक (Quantitative) दोनों पद्धतियों का उपयोग करता है, जिसमें क्षेत्रीय सर्वेक्षण, साक्षात्कार और सरकारी आंकड़ों का विश्लेषण शामिल है। निष्कर्ष बताते हैं कि आधुनिकीकरण ने जनजातियों के लिए नए अवसर तो पैदा किए हैं, लेकिन इसके साथ ही इसने उनकी पारंपरिक पहचान और सामाजिक एकजुटता के लिए गंभीर चुनौतियाँ भी खड़ी की हैं। यह शोध नीति निर्माताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं के लिए महत्वपूर्ण है ताकि वे विकास की ऐसी नीतियाँ बना सकें जो जनजातियों की सांस्कृतिक पहचान और अधिकारों का सम्मान करें। शब्द कुंजी : पश्चिमी सिंहभूम, जनजातीय समाज, आधुनिकीकरण, सामाजिक-आर्थिक बदलाव, पारंपरिक ज्ञान, सांस्कृतिक विस्थापन। |
| Area | Human Geography |
| Issue | Volume 2, Issue 4 (October - December 2025) |
| Published | 2025/11/29 |
| How to Cite | Thakur, R., & Singh, G.K.. (2025). आधुनिकीकरण की छाया में हो जनजाति : पश्चिमी सिंहभूम जिला में सामाजिक-आर्थिक बदलाव. Cosmos: A Journal of Geography, 2(4), 8-16, DOI: https://doi.org/10.70558/COSMOS.2025.v2.i4.25433. |
| DOI | 10.70558/COSMOS.2025.v2.i4.25433 |
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